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नगर निगम कोटा दक्षिण में महापौर के भाजपा में शामिल होने के बाद उत्पन्न विवाद ने नया मोड़ लिया?

संजय कुमार

कोटा, 14 जून।  नगर निगम कोटा दक्षिण में महापौर राजीव अग्रवाल के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उत्पन्न विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस पार्टी से निर्वाचित पार्षदों ने इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की है।

उपमहापौर और पार्षदों के दल ने  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  टीकाराम जूली को पत्र भेजा। पत्र में महापौर  राजीव अग्रवाल के भा.ज.पा. में शामिल होने के बावजूद महापौर पद पर बने रहने की आलोचना की गई है। कांग्रेस पार्षद दल का कहना है कि महापौर का किसी अन्य दल में शामिल होने पर अपने पद से इस्तीफा देना अनिवार्य है, जिसे अब तक नहीं किया गया है।

इस संदर्भ में कांग्रेस पार्षद दल ने पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक  शांति धारीवाल से भी मुलाकात की। जयपुर स्थित उनके आवास पर हुई इस मुलाकात में पार्षदों ने ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की जानकारी दी। धारीवाल ने राज्य सरकार के इस मामले में उदासीन रवैये पर नाराजगी जाहिर की और इसे विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।

धारीवाल ने कहा, “यह गंभीर मुद्दा है और राज्य सरकार को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। नगर निगम में एक ही दल के महापौर और नेता प्रतिपक्ष का होना नियमों के खिलाफ है और लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन है।”

कांग्रेस पार्षद दल ने यह भी मांग की है कि  राजीव अग्रवाल को महापौर पद से हटाया जाए और उनके द्वारा उपयोग में ली जा रही सभी सरकारी सुविधाओं को तत्काल बंद किया जाए।

इस मामले ने नगर निगम कोटा दक्षिण में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार की ओर हैं कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेती है।

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