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कोटा में पशुपालकों को पनपाकर यह कैसा कैटल फ्री विकास कर गए नेताजी, पशु आज भी सड़कों पर हादसो को निमंत्रण दे रहे?

संजय कुमार चौबीसा

कोटा, 10 दिसम्बर। शहर की सडक़ों पर घूम रहे आवारा मवेशी जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम व यूआईटी प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसी अनदेखी के कारण डीसीएम क्षेत्र के गोविन्द नगर में एक सांड ने 85 वर्षीय बुजुर्ग उठाकर फेंक दिया। परिवार जनों ने बताया कि रामगंज मंडी निवासी रामदेव छोटे भाई के पास डीसीएम कोटा में आए हुए थे। शनिवार को खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे तभी पीछे से एक सांड ने आकर उन्हें सिंग से उठाकर फेंक दिया, इससे उनके कूल्हे की और हाथ की हड्डी टूट गई व साथ ही पैर के जांघ में सिंग घुसने से बहुत बड़ा घाव हो गया। पता लगने पर परिवारजन उन्हें गंभीर घायल अवस्था में एमबीएस अस्पताल लेकर आए और उन्हें भर्ती करवाया। जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद लोगों में आवारा पशुओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश व्याप्त है।

कैटल फ्री शहर बनाने की योजना विफल, केवल कागजो में चल रही
कांग्रेस सरकार में नेताजी द्वारा नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर बंधा धर्मपुरा में देवनारायण एकीकृत आवासीय योजना बनाई गई, ताकि शहर को कैटल फ्री बनाया जाए। योजना का उद्घाटन भी हो गया और पशुपालकों को शिफ्ट कर दिया। इसके बावजूद सडक़ों व नालों में पशुपालक जमे हुए हैं। निगम की ओर से भी सडक़ों पर घूमते मवेशियों को पकडऩे का काम केवल कागजों में चल रहा है।

पहले भी कई लोग जान खो चुके
शहर में आवारा मवेशियों की वजह से पहले भी कई लोगों जान गंवा चुके हैं। बोरखेड़ा में कोरल पार्क के पास 29 नवम्बर को सडक़ पर खड़े मवेशियों को बचाने के चक्कर में कार पलटने से एक युवक की मौत हो गई थी। 30 नवम्बर को डीसीएम पुलिया के पास मवेशियों के झगड़े से बचने के दौरान एक युवक की नहर में गिरने से मौत हो गई थी। इससे पहले भी मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को सांड ने उठाकर फेंक दिया था।

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